23 May 2021 02:40 PM

जोग संजोग टाइम्स
बीकानेर सीएमएचओ को लेकर कसरत तेज हो गई है। मंत्री डॉ बीडी कल्ला खेमे की तरफ से सीएमएचओ के लिए संभावित नामों पर विचार चल रहा है। हालांकि डॉ सुकुमार कश्यप को जयपुर आरयूएसएच में कार्यवाहक लगाया गया है, लेकिन इसे फुल एंड फाइनल ही माना जा रहा है। कश्यप से शिकायतें पहाड़ बन चुकी थी। कोविड काल में उनका काम ही नहीं दिखा। उनको यहां से सीधे ना हटाकर अप्रत्यक्ष रूप से हटाया गया है।
अब सीएमएचओ के लिए डॉ बीएल मीणा के अलावा डॉ राहुल हर्ष, डॉ नवल गुप्ता व डॉ राजेश गुप्ता का नाम चल रहा है। हालांकि ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ देवेंद्र चौधरी को भी सीएमएचओ के पद में दिलचस्पी है। मगर चौधरी ना तो कल्ला खेमे में फिट बैठते हैं और ना ही कोविड काल की भारी भरकम जिम्मेदारी निभाने के लिए उम्मीद जगाते हैं। कल्ला खेमा इतिहास नहीं भूलेगा। प्राइवेट अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई के मामले में सह-प्रभारी की भूमिका में वे संवेदनशील नहीं दिखे। उनके जवाब जिम्मेदारीपूर्ण नहीं रहे हैं
वहीं कोरोना की पहली लहर में आमजन का दिल जीत चुके डॉ बीएल मीणा कल्ला खेमे की नाराजगी लिए हुए हैं। कल्ला खेमे से राजीनामा ना होने की स्थिति में उन्हें सीएमएचओ पद मिलने की उम्मीद कम दिखती है। हांलांकि सूत्र कहते हैं कि मीणा की कार्यक्षमता व पुराने रिकॉर्ड की वजह कलेक्टर नमित मेहता का झुकाव उनकी तरफ है। दूसरी तरफ कल्ला से भी ट्यूनिंग बैठ सकती है।
इसके अतिरिक्त डॉ राहुल हर्ष स्वयं सीएमएचओ लगना नहीं चाहते, लेकिन कल्ला खेमे की फेहरिस्त में उनका नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
डॉ नवल गुप्ता व आरसीएचओ डॉ राजेश गुप्ता सीएमएचओ का पद पाने के लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल बीकानेर को एक सक्षम सीएमएचओ की कमी खल रही है। ऐसे में जल्द से जल्द सीएमएचओ तय करना जरूरी हो गया है।
जोग संजोग टाइम्स
बीकानेर सीएमएचओ को लेकर कसरत तेज हो गई है। मंत्री डॉ बीडी कल्ला खेमे की तरफ से सीएमएचओ के लिए संभावित नामों पर विचार चल रहा है। हालांकि डॉ सुकुमार कश्यप को जयपुर आरयूएसएच में कार्यवाहक लगाया गया है, लेकिन इसे फुल एंड फाइनल ही माना जा रहा है। कश्यप से शिकायतें पहाड़ बन चुकी थी। कोविड काल में उनका काम ही नहीं दिखा। उनको यहां से सीधे ना हटाकर अप्रत्यक्ष रूप से हटाया गया है।
अब सीएमएचओ के लिए डॉ बीएल मीणा के अलावा डॉ राहुल हर्ष, डॉ नवल गुप्ता व डॉ राजेश गुप्ता का नाम चल रहा है। हालांकि ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ देवेंद्र चौधरी को भी सीएमएचओ के पद में दिलचस्पी है। मगर चौधरी ना तो कल्ला खेमे में फिट बैठते हैं और ना ही कोविड काल की भारी भरकम जिम्मेदारी निभाने के लिए उम्मीद जगाते हैं। कल्ला खेमा इतिहास नहीं भूलेगा। प्राइवेट अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई के मामले में सह-प्रभारी की भूमिका में वे संवेदनशील नहीं दिखे। उनके जवाब जिम्मेदारीपूर्ण नहीं रहे हैं
वहीं कोरोना की पहली लहर में आमजन का दिल जीत चुके डॉ बीएल मीणा कल्ला खेमे की नाराजगी लिए हुए हैं। कल्ला खेमे से राजीनामा ना होने की स्थिति में उन्हें सीएमएचओ पद मिलने की उम्मीद कम दिखती है। हांलांकि सूत्र कहते हैं कि मीणा की कार्यक्षमता व पुराने रिकॉर्ड की वजह कलेक्टर नमित मेहता का झुकाव उनकी तरफ है। दूसरी तरफ कल्ला से भी ट्यूनिंग बैठ सकती है।
इसके अतिरिक्त डॉ राहुल हर्ष स्वयं सीएमएचओ लगना नहीं चाहते, लेकिन कल्ला खेमे की फेहरिस्त में उनका नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
डॉ नवल गुप्ता व आरसीएचओ डॉ राजेश गुप्ता सीएमएचओ का पद पाने के लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल बीकानेर को एक सक्षम सीएमएचओ की कमी खल रही है। ऐसे में जल्द से जल्द सीएमएचओ तय करना जरूरी हो गया है।
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19 June 2021 09:21 AM
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