28 February 2022 11:45 AM

जोग संजोग टाइम्स बीकानेर,
मिली जानकारी के अनुसार जयपुर । गहलोत सरकार ने प्रदेश के लोगों के लिए सरकारी हॉस्पिटल में ओपीडी और आईपीडी मरीजों के तमाम इलाज फ्री करने की घोषणा की है। इसमें जांच पर लगने वाला शुल्क भी शामिल है।
वर्तमान में आउटडोर (ओपीडी) में आने वाले मरीजों को जिला या मेडिकल कॉलेज से संबंधित हॉस्पिटल में ब्लड संबंधी कई टेस्ट के लिए फीस देनी होती है। इसके अलावा गेस्ट्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑप्टोमोलॉजी, हार्ट, कैंसर से जुड़ी कई बीमारियों के लिए 100 से लेकर 8 हजार रुपए तक का शुल्क देना पड़ता है। वहीं, इलाज के लिए भर्ती मरीज से आईसीयू बेड चार्ज, एडमिशन फीस समेत अन्य कई शुल्क लिए जाते हैं। नए फाइनेंशियल ईयर यानी अप्रैल से ये सभी टेस्ट फ्री होंगे। हेल्थ को लेकर बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने अभी 60 साल या उससे ज्यादा एज ग्रुप (सीनियर सिटीजन) के मरीजों के लिए सरकारी हॉस्पिटल में
तमाम सुविधाएं फ्री कर रखी है। अगर मुख्यमंत्री की ये घोषणा अमल में आती है तो इस दायरे में हर एज ग्रुप के लोग आ जाएंगे। पिछले कार्यकाल में शुरू की थी फ्री दवाइयां और जांच गहलोत ने अपने दूसरे कार्यकाल में साल 2011 में सबसे पहले मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना से इसकी शुरुआत की थी। तब सरकार ने कई तरह की दवाइयां
ओपीडी और आईपीडी मरीजों को फ्री देना शुरू किया था। इसके दो साल बाद साल 2013 में सरकार ने फ्री जांच की सुविधा शुरू की। तब जिला हॉस्पिटल में 70 तरह की जांच फ्री करने की शुरुआत की थी। वहीं, पीएचसी-सीएचसी में 37 तरह की जांच फ्री की जाती थी। अब इन जांच की संख्या 133 हो गई है।
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर,
मिली जानकारी के अनुसार जयपुर । गहलोत सरकार ने प्रदेश के लोगों के लिए सरकारी हॉस्पिटल में ओपीडी और आईपीडी मरीजों के तमाम इलाज फ्री करने की घोषणा की है। इसमें जांच पर लगने वाला शुल्क भी शामिल है।
वर्तमान में आउटडोर (ओपीडी) में आने वाले मरीजों को जिला या मेडिकल कॉलेज से संबंधित हॉस्पिटल में ब्लड संबंधी कई टेस्ट के लिए फीस देनी होती है। इसके अलावा गेस्ट्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑप्टोमोलॉजी, हार्ट, कैंसर से जुड़ी कई बीमारियों के लिए 100 से लेकर 8 हजार रुपए तक का शुल्क देना पड़ता है। वहीं, इलाज के लिए भर्ती मरीज से आईसीयू बेड चार्ज, एडमिशन फीस समेत अन्य कई शुल्क लिए जाते हैं। नए फाइनेंशियल ईयर यानी अप्रैल से ये सभी टेस्ट फ्री होंगे। हेल्थ को लेकर बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने अभी 60 साल या उससे ज्यादा एज ग्रुप (सीनियर सिटीजन) के मरीजों के लिए सरकारी हॉस्पिटल में
तमाम सुविधाएं फ्री कर रखी है। अगर मुख्यमंत्री की ये घोषणा अमल में आती है तो इस दायरे में हर एज ग्रुप के लोग आ जाएंगे। पिछले कार्यकाल में शुरू की थी फ्री दवाइयां और जांच गहलोत ने अपने दूसरे कार्यकाल में साल 2011 में सबसे पहले मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना से इसकी शुरुआत की थी। तब सरकार ने कई तरह की दवाइयां
ओपीडी और आईपीडी मरीजों को फ्री देना शुरू किया था। इसके दो साल बाद साल 2013 में सरकार ने फ्री जांच की सुविधा शुरू की। तब जिला हॉस्पिटल में 70 तरह की जांच फ्री करने की शुरुआत की थी। वहीं, पीएचसी-सीएचसी में 37 तरह की जांच फ्री की जाती थी। अब इन जांच की संख्या 133 हो गई है।
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