28 July 2022 09:33 PM

जोग संजोग टाइम्स,
बीकानेर के लिए गुरुवार का दिन विशेष रहा। जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल की पहल चल रहे शक्ति अभियान के तहत जिले भर के लगभग 3 हजार 500 सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों तथा कॉलेजों में पढ़ने वाली 2 लाख 53 हजार 637 छात्राओं और किशोरियों के हिमोग्लोबिन की जांच एक ही दिन में की गई।
इसके लिए लगभग 1 महीने तक माइक्रो प्लानिंग की गई। जीएनएम, एएनएम, नर्सिंग विद्यार्थियों, पीबीएम अस्पताल के कार्मिकों सहित लगभग 4 हजार 300 लोगों ने इस कार्य को अंजाम दिया। इस कार्य के लिए स्कूल और कॉलेज शिक्षा विभाग को जिले में लक्षित आयु वर्ग की बालिकाओं का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके अनुसार हिमोग्लोबिन जांच के किटों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रत्येक उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी को समस्त व्यवस्थाओं का प्रभारी बनाया गया। सभी कार्मिकों को उनके आवंटित स्थानों तक मोबलाइज किया गया।
स्कूल कॉलेज वार यह रहा परिणाम
जिला कलेक्टर ने बताया कि सघन हिमोग्लोबीन जांच अभियान के दौरान कक्षा 1 से 5 तक की 1 लाख 4 हजार 456, कक्षा 6 से 12 तक की 1 लाख 4 हजार 369 तथा कॉलेजों की 5 हजार 490 छात्राओं की हिमोग्लोबिन जांच की गई।
दस ग्राम से कम हीमोग्लोबीन वाली छात्राओं पर रखेंगे नज़र
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि जांच के दौरान 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबीन वाली 631, 7 से 8 ग्राम हिमोग्लोबिन वाली 6 हजार 998, आठ से नौ ग्राम की 30 हजार 304 तथा 9 से 10 ग्राम हीमोग्लोबिन की 74 हजार 968 छात्राएं पाई गई। इन 1 लाख 4 हजार 563 छात्राओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे इनमें खून की कमी दूर करते हुए एनीमिया मुक्त बीकानेर की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
जोग संजोग टाइम्स,
बीकानेर के लिए गुरुवार का दिन विशेष रहा। जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल की पहल चल रहे शक्ति अभियान के तहत जिले भर के लगभग 3 हजार 500 सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों तथा कॉलेजों में पढ़ने वाली 2 लाख 53 हजार 637 छात्राओं और किशोरियों के हिमोग्लोबिन की जांच एक ही दिन में की गई।
इसके लिए लगभग 1 महीने तक माइक्रो प्लानिंग की गई। जीएनएम, एएनएम, नर्सिंग विद्यार्थियों, पीबीएम अस्पताल के कार्मिकों सहित लगभग 4 हजार 300 लोगों ने इस कार्य को अंजाम दिया। इस कार्य के लिए स्कूल और कॉलेज शिक्षा विभाग को जिले में लक्षित आयु वर्ग की बालिकाओं का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके अनुसार हिमोग्लोबिन जांच के किटों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रत्येक उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी को समस्त व्यवस्थाओं का प्रभारी बनाया गया। सभी कार्मिकों को उनके आवंटित स्थानों तक मोबलाइज किया गया।
स्कूल कॉलेज वार यह रहा परिणाम
जिला कलेक्टर ने बताया कि सघन हिमोग्लोबीन जांच अभियान के दौरान कक्षा 1 से 5 तक की 1 लाख 4 हजार 456, कक्षा 6 से 12 तक की 1 लाख 4 हजार 369 तथा कॉलेजों की 5 हजार 490 छात्राओं की हिमोग्लोबिन जांच की गई।
दस ग्राम से कम हीमोग्लोबीन वाली छात्राओं पर रखेंगे नज़र
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि जांच के दौरान 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबीन वाली 631, 7 से 8 ग्राम हिमोग्लोबिन वाली 6 हजार 998, आठ से नौ ग्राम की 30 हजार 304 तथा 9 से 10 ग्राम हीमोग्लोबिन की 74 हजार 968 छात्राएं पाई गई। इन 1 लाख 4 हजार 563 छात्राओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे इनमें खून की कमी दूर करते हुए एनीमिया मुक्त बीकानेर की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
RELATED ARTICLES
28 December 2022 05:19 PM
© Copyright 2021-2025, All Rights Reserved by Jogsanjog Times| Designed by amoadvisor.com