31 August 2022 12:58 PM

जोग संजोग टाइम्स,
आज गणेश चतुर्थी कई मायनों में बहुत खास बताई जा रही है। चतुर्थी ही शुभ नहीं बल्कि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच के दिन अच्छे योग बन रहे हैं। इन दिनों में सिर्फ गणपति की पूजा ही नहींए बल्कि कोई भी शुभ काम शुरू किया जा सकता है। जिसमें निश्चित ही सफलता के योग हैं। इस साल इस गणेश चतुर्थी पर वो सभी योग और संयोग बन रहे हैं जो गणेश के जन्म पर बने थे। दिन बुधवार, तिथि चतुर्थी, नक्षत्र चित्रा और मध्याह्न काल यानी दोपहर का समय। ये वो संयोग था जब पार्वती ने मिट्टी के गणेश बनाए थे और शिव ने उसमें प्राण डाले थे। इसके अलावा कुछ दुर्लभ और शुभ योग भी बन रहे हैं जो 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच गणेश उत्सव के दौरान आएंगे।
इस गणेश उत्सव में खास बात ये है कि इन 10 दिनों में प्रत्येक दिन शुभ योग बन रहा है। जिसमें इन्वेस्टमेंट से लेकर व्हीकल खरीदी तक शुभ काम कर सकेंगे। इसी के साथ एक ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है जो पिछले 160 सालों में नहीं बना। इस बार गुरु ग्रह से देह स्थूल योग बन रहा है। इसे आसान भाषा में लंबोदर योग कहते हैं। जो कि गणेश का एक नाम है। इसी के साथ गणपति के जन्म काल के समय वीणाए वरिष्ठए उभयचरी और अमला नामक योग बनेंगे। इन पांच राजयोगों के बनने से इस बार गणेश स्थापना काफी शुभ रहेगी।
गणेशोत्सव के बाकी दिनों के बारे में सर्वार्थसिद्धि, राजयोग और रवियोग बनने से नौ दिन शुभ संयोग हैं। इनमें सात मुहूर्त ऐसे हैं जिसमें प्रॉपर्टी और ज्वेलरी से लेकर व्हीकल और हर प्रकार की खरीदारी शुभ होगी। इस बार रविवार को नवमी तिथि का क्षय होगा। सोमवारए मंगलवार और बुधवार तीनों दिन भगवान विष्णु की पूजा के रहेंगे। इनमें सोमवार दस अवतारों की पूजाए मंगलवार को एकादशी का व्रत और बुधवार को वामन अवतार प्राकट्योत्सव है। गुरुवार को प्रदोष व्रत के साथ शिव-पार्वती पूजन होगा। आखिरी दिन अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का योग है।
जोग संजोग टाइम्स,
आज गणेश चतुर्थी कई मायनों में बहुत खास बताई जा रही है। चतुर्थी ही शुभ नहीं बल्कि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच के दिन अच्छे योग बन रहे हैं। इन दिनों में सिर्फ गणपति की पूजा ही नहींए बल्कि कोई भी शुभ काम शुरू किया जा सकता है। जिसमें निश्चित ही सफलता के योग हैं। इस साल इस गणेश चतुर्थी पर वो सभी योग और संयोग बन रहे हैं जो गणेश के जन्म पर बने थे। दिन बुधवार, तिथि चतुर्थी, नक्षत्र चित्रा और मध्याह्न काल यानी दोपहर का समय। ये वो संयोग था जब पार्वती ने मिट्टी के गणेश बनाए थे और शिव ने उसमें प्राण डाले थे। इसके अलावा कुछ दुर्लभ और शुभ योग भी बन रहे हैं जो 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच गणेश उत्सव के दौरान आएंगे।
इस गणेश उत्सव में खास बात ये है कि इन 10 दिनों में प्रत्येक दिन शुभ योग बन रहा है। जिसमें इन्वेस्टमेंट से लेकर व्हीकल खरीदी तक शुभ काम कर सकेंगे। इसी के साथ एक ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है जो पिछले 160 सालों में नहीं बना। इस बार गुरु ग्रह से देह स्थूल योग बन रहा है। इसे आसान भाषा में लंबोदर योग कहते हैं। जो कि गणेश का एक नाम है। इसी के साथ गणपति के जन्म काल के समय वीणाए वरिष्ठए उभयचरी और अमला नामक योग बनेंगे। इन पांच राजयोगों के बनने से इस बार गणेश स्थापना काफी शुभ रहेगी।
गणेशोत्सव के बाकी दिनों के बारे में सर्वार्थसिद्धि, राजयोग और रवियोग बनने से नौ दिन शुभ संयोग हैं। इनमें सात मुहूर्त ऐसे हैं जिसमें प्रॉपर्टी और ज्वेलरी से लेकर व्हीकल और हर प्रकार की खरीदारी शुभ होगी। इस बार रविवार को नवमी तिथि का क्षय होगा। सोमवारए मंगलवार और बुधवार तीनों दिन भगवान विष्णु की पूजा के रहेंगे। इनमें सोमवार दस अवतारों की पूजाए मंगलवार को एकादशी का व्रत और बुधवार को वामन अवतार प्राकट्योत्सव है। गुरुवार को प्रदोष व्रत के साथ शिव-पार्वती पूजन होगा। आखिरी दिन अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का योग है।
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