02 June 2023 06:18 PM

जोग संजोग टाइम्स बीकानेर ,बीकानेर पंचायत समिति की जलालसर ग्राम पंचायत की सरपंच नाहिद बानो और नोखा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बादनूं सरपंच रामप्यारी के विरूद्ध शिकायत सही नहीं पाए जाने पर प्रकरण को समाप्त करते हुए पत्रावली को दाखिल दफ्तर करने के आदेश जारी किए गए हैं।
संभागीय आयुक्त डॉ नीरज के पवन ने बताया कि बीकानेर पंचायत समिति की जलालसर ग्राम पंचायत की सरपंच नाहिद बानो के विरुद्ध अपनी कुर्सी पर प्रतिनिधियों को बिठाकर पद का दुरुपयोग करने की शिकायत थी, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर शिकायत को सही नहीं पाया गया। इसी प्रकार नोखा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बादनूं की सरपंच रामप्यारी के विरुद्ध फर्जी वारिस प्रमाण पत्र जारी करने की शिकायत की जांच मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद द्वारा करवाई गई। इसके बाद स्पष्टीकरण के लिए सरपंच को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। व्यक्तिगत सुनवाई के बयानों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं पाए गए। जांच के आधार पर संभागीय आयुक्त ने दोनों सरपंच को बरी करते हुए प्रकरण को समाप्त कर पत्रावली दाखिल दफ्तर करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने बताया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 के तहत यह कार्यवाही की गई।
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर ,बीकानेर पंचायत समिति की जलालसर ग्राम पंचायत की सरपंच नाहिद बानो और नोखा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बादनूं सरपंच रामप्यारी के विरूद्ध शिकायत सही नहीं पाए जाने पर प्रकरण को समाप्त करते हुए पत्रावली को दाखिल दफ्तर करने के आदेश जारी किए गए हैं।
संभागीय आयुक्त डॉ नीरज के पवन ने बताया कि बीकानेर पंचायत समिति की जलालसर ग्राम पंचायत की सरपंच नाहिद बानो के विरुद्ध अपनी कुर्सी पर प्रतिनिधियों को बिठाकर पद का दुरुपयोग करने की शिकायत थी, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर शिकायत को सही नहीं पाया गया। इसी प्रकार नोखा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बादनूं की सरपंच रामप्यारी के विरुद्ध फर्जी वारिस प्रमाण पत्र जारी करने की शिकायत की जांच मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद द्वारा करवाई गई। इसके बाद स्पष्टीकरण के लिए सरपंच को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। व्यक्तिगत सुनवाई के बयानों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं पाए गए। जांच के आधार पर संभागीय आयुक्त ने दोनों सरपंच को बरी करते हुए प्रकरण को समाप्त कर पत्रावली दाखिल दफ्तर करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने बताया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 के तहत यह कार्यवाही की गई।
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