11 October 2022 11:53 AM

सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती गंगापोल निवासी 108 वर्षीय बुजुर्ग महिला जमना देवी मीणा के कटे हुए दोनों पैर जुड़ नहीं पाए। उन्हें मोर्चरी में रखवाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।बुजुर्ग महिला की बेटी गंगा देवी ने बताया कि मां के साथ गलत हुआ है। उसकी तड़प देखी नहीं जा रही, वह बड़ा दर्द दे रही है। बेटी ने पुलिस प्रशासन से बदमाश को जल्द पकड़कर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। बुजुर्ग महिला के 78 वर्षीय भाई किशन मीणा ने बताया कि बहन सबका ख्याल रखती थी। उससे चलने, देखने और सुनने में दिक्कत थी। इस उम्र में इतना बड़ा दर्द वह कैसे झेलेगी। यह कहते हुए वे फफक पड़े।गौरतलब है कि, बुजुर्ग महिला को रविवार को सुबह गंगापोल से लहूलुहान हालत में लाया गया था। उसके घर में बदमाश उसके पैर काटकर चांदी के कड़े व गले में घावकर जोल्या ले गए। इसके बाद परिजन उसे ट्रोमा सेंटर लाए थे।
देरी से लाए गए थे अंग इसलिए प्रत्यारोपण संभव नहीं
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि मरीज को अस्पताल देरी से लाया गया था। पहले उसकी जान बचाना जरुरी था। गले में सांस नली तक चीरा लगा हुआ था। उसकी सर्जरी की गई। पैर देरी से आने के कारण डेड हो चुके थे इसलिए प्रत्यारोपित नहीं हो पाए। हालांकि पैर की सर्जरी होना बाकी है। वह सूजन उतरने के बाद ही संभव है।
सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती गंगापोल निवासी 108 वर्षीय बुजुर्ग महिला जमना देवी मीणा के कटे हुए दोनों पैर जुड़ नहीं पाए। उन्हें मोर्चरी में रखवाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।बुजुर्ग महिला की बेटी गंगा देवी ने बताया कि मां के साथ गलत हुआ है। उसकी तड़प देखी नहीं जा रही, वह बड़ा दर्द दे रही है। बेटी ने पुलिस प्रशासन से बदमाश को जल्द पकड़कर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। बुजुर्ग महिला के 78 वर्षीय भाई किशन मीणा ने बताया कि बहन सबका ख्याल रखती थी। उससे चलने, देखने और सुनने में दिक्कत थी। इस उम्र में इतना बड़ा दर्द वह कैसे झेलेगी। यह कहते हुए वे फफक पड़े।गौरतलब है कि, बुजुर्ग महिला को रविवार को सुबह गंगापोल से लहूलुहान हालत में लाया गया था। उसके घर में बदमाश उसके पैर काटकर चांदी के कड़े व गले में घावकर जोल्या ले गए। इसके बाद परिजन उसे ट्रोमा सेंटर लाए थे।
देरी से लाए गए थे अंग इसलिए प्रत्यारोपण संभव नहीं
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि मरीज को अस्पताल देरी से लाया गया था। पहले उसकी जान बचाना जरुरी था। गले में सांस नली तक चीरा लगा हुआ था। उसकी सर्जरी की गई। पैर देरी से आने के कारण डेड हो चुके थे इसलिए प्रत्यारोपित नहीं हो पाए। हालांकि पैर की सर्जरी होना बाकी है। वह सूजन उतरने के बाद ही संभव है।
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