14 February 2023 05:35 PM

जोग संजोग टाइम्स बीकानेर ,खेत में काम करते हुए एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना श्रीडूंगरगढ़ के लिखमीदेसर उत्तरादा की है, जहां एक युवक खेत में पानी दे रहा था लेकिन अचानक करंट लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
लिखमीदसर उत्तरादा गांव के बजरंग पुत्र भंवरसिंह राजपूत की इस हादसे में मौत हुई है। बापेऊ रोही में स्थित खेत में युवक बिजली की लाइन्स बदल रहा था। तभी करंट की चपेट में आ गया। आसपास कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था, जो उसे करंट से मुक्त करा सके। काफी समय तक वो करंट की चपेट में रहा। पूरे शरीर में करंट पहुंचने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजन जैसे-तैसे उसे अस्पताल भी लेकर पहुंचे लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सेरूणा थाने से हेड कांस्टेबल महेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिवार में मातम छा गया है। मृतक बजरंग तीन भाईयों में एक है। वो ही खेत का काम संभालता था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऐसे अनेक हादसे
श्रीडूंगरगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अनेक हादसे होते हैं। कई बार डिग्गी में पानी डालते वक्त हादसा होता है तो कभी मशीनों की लाइन्स बदलने से मौत होती है। पिछले एक साल में दस लोगों की मौत अकेले श्रीडूंगरगढ़ में हो चुकी है।
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर ,खेत में काम करते हुए एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना श्रीडूंगरगढ़ के लिखमीदेसर उत्तरादा की है, जहां एक युवक खेत में पानी दे रहा था लेकिन अचानक करंट लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
लिखमीदसर उत्तरादा गांव के बजरंग पुत्र भंवरसिंह राजपूत की इस हादसे में मौत हुई है। बापेऊ रोही में स्थित खेत में युवक बिजली की लाइन्स बदल रहा था। तभी करंट की चपेट में आ गया। आसपास कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था, जो उसे करंट से मुक्त करा सके। काफी समय तक वो करंट की चपेट में रहा। पूरे शरीर में करंट पहुंचने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजन जैसे-तैसे उसे अस्पताल भी लेकर पहुंचे लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सेरूणा थाने से हेड कांस्टेबल महेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिवार में मातम छा गया है। मृतक बजरंग तीन भाईयों में एक है। वो ही खेत का काम संभालता था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऐसे अनेक हादसे
श्रीडूंगरगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अनेक हादसे होते हैं। कई बार डिग्गी में पानी डालते वक्त हादसा होता है तो कभी मशीनों की लाइन्स बदलने से मौत होती है। पिछले एक साल में दस लोगों की मौत अकेले श्रीडूंगरगढ़ में हो चुकी है।
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