21 April 2022 12:43 PM
जोग संजोग टाइम्स,
सेना में वॉट्सऐप के जरिए जासूसी करने-कराने का मामला सामने आया है. इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच बिठा दी गई है. इसके बाद कई अधिकारियों और जवानों पर कार्रवाई की तलवार भी लटकी बताई जाती है.
सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, सैन्य-खुफिया इकाई ने इस सुरक्षा में सेंधमारी के इस मामले का पर्दाफाश किया है. बताया जाता है कि वॉट्सऐप समूहों के जरिए कुछ अधिकारी/जवान सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पड़ोसी देश को देते हुए पाए गए हैं. उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है. अगर वे जांच में दोषी पाए गए, तो उन्हें उनकी सोच से भी ज्यादा गंभीर सजा दी जाएगी. ओएसए के तहत सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों पर समान रूप से कार्रवाई की जा सकती है.
इस अधिनियम के प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों से जुड़े मामलों पर लागू होते हैं. देश के विरुद्ध जासूसी करना-कराना, गोपनीय सूचनाओं का आदान-प्रदान, सेना की वर्दी का गलत इस्तेमाल, सेना के निषिद्ध इलाकों में घुसपैठ आदि सभी मामलों में भी इस कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. अगर इस कानून के तहत किसी को दोषी पाया जाता है तो उसे 14 तक की जेल, भारी जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है
जोग संजोग टाइम्स,
सेना में वॉट्सऐप के जरिए जासूसी करने-कराने का मामला सामने आया है. इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच बिठा दी गई है. इसके बाद कई अधिकारियों और जवानों पर कार्रवाई की तलवार भी लटकी बताई जाती है.
सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, सैन्य-खुफिया इकाई ने इस सुरक्षा में सेंधमारी के इस मामले का पर्दाफाश किया है. बताया जाता है कि वॉट्सऐप समूहों के जरिए कुछ अधिकारी/जवान सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पड़ोसी देश को देते हुए पाए गए हैं. उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है. अगर वे जांच में दोषी पाए गए, तो उन्हें उनकी सोच से भी ज्यादा गंभीर सजा दी जाएगी. ओएसए के तहत सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों पर समान रूप से कार्रवाई की जा सकती है.
इस अधिनियम के प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों से जुड़े मामलों पर लागू होते हैं. देश के विरुद्ध जासूसी करना-कराना, गोपनीय सूचनाओं का आदान-प्रदान, सेना की वर्दी का गलत इस्तेमाल, सेना के निषिद्ध इलाकों में घुसपैठ आदि सभी मामलों में भी इस कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. अगर इस कानून के तहत किसी को दोषी पाया जाता है तो उसे 14 तक की जेल, भारी जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है
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